सुमन राव मिस वर्ल्ड 2019 प्रतियोगिता में सेकंड रनरअप रहीं। अपनी इस उपलब्धि को उन्होंने दैनिक भास्कर के साथ साझा किया। उन्होंने कहा, "मुझे उम्मीद है कि मैं अपनी परफॉर्मेंस से पूरे देश के लोगों को फख्र महसूस करा पाई हूं। पहली बार मैं अपने देश से बाहर निकली हूं। विश्व मंच पर 130 देशों की सुंदरियों के बीच अपने देश को रिप्रेजेंट करने का मौका मिला। मैं बेहद खुश हूं कि पहली बार में ही मिस वर्ल्ड सेकंड रनर अप रहीं और मिस वर्ल्ड एशिया का टाइटल मिला।"
सुमन ने कहा कि हजारों मैसेज आ रहे हैं। महिलाएं लिख रही हैं, चर्चा कर रहीं कि वो सिर्फ घर पर खाना बनाने के लिए नहीं हैं। मुझे देखकर उन्हें लग तो रहा होगा कि उनका भी वजूद है। मेरे लिए यही सबसे बड़ी जीत है कि मैं महिलाओं की सोच को बदल पा रही हूं। मुझे सिर्फ 2 साल पहले मिस वर्ल्ड के बारे में पता चला। वुमन ओपिनियन को रखने का यह सबसे अच्छा मंच लगा। मुझे ऐसे ही एक प्लेटफार्म की तलाश थी। फिर जी जान से जुट गई। तैयारी की और फिर मंजिल के करीब पहुंची हूं। सबको यही कहना चाहूंगी कि आप कुछ करना चाह रहे तो मंजिल तक पहुंचने के रास्ते ढूंढिए। यह सोच कर मत बैठिए कि यह मुझसे नहीं होगा, क्योंकि जहां चाह है वहां राह है।
फीमेल ओपिनियन के लिए गांव से ही काम करने के बारे सोचा है
- सुमन ने बताया ''मैं बहुत ही सिंपल फैमिली से हूं। ऐसी कम्युनिटी से आती हूं जहां फीमेल को ब्यूटी कंटेस्ट में भाग लेने की आजादी नहीं है। मैं पैदा राजस्थान के राजसमंद के जिस अईडाना गांव में हुई हूं, वहां आज भी कभी जाती हूं तो देखकर लगता है कि फीमेल को भी मेल की तरह आजादी मिलनी चाहिए। वहीं से फीमेल ओपिनियन को लेकर काम करने के बारे में सोचा है, लेकिन कभी प्लेटफार्म नहीं मिला।''
- ''पहली बार जब सोचा तो सबसे पहला सवाल दिमाग में यही था कि यह करूंगी कैसे? लेकिन मैंने यह कभी नहीं सोचा कि यह मैं नहीं कर पाऊंगी। सपने जैसा था, लेकिन मैंने सपना देखा और पूरे करने के निकल पड़ी। रास्ते ढूंढने पर मैंने ज्यादा ध्यान लगाया, ना कि एक्सक्यूज ढूंढने और कारण गिनाने में।''
उसने अपना लक्ष्य और रास्ते खुद तलाशे: रतन सिंह राव
सुमन के पिता रतन सिंह राव ने भास्कर को बताया कि हमने सपने में भी नहीं सोचा था कि मेरी बेटी कभी 130 देश की प्रतिनिधियों के बीच मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करेगी। सुमन ने अपना लक्ष्य और रास्ते खुद तलाशे और तय किए हैं। मुझे इस बात का फख्र है कि बेटी अपने दम पर दुनिया भर में देश का नाम कर रही है। एक पिता के लिए इससे बड़ी खुशी की बात और कुछ नहीं हो सकती।